सोलह सोमवार व्रतकथा, विधि, उद्यापन, ऐतिहासिक महत्व|

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सोलह सोमवार के व्रत का महत्व।

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सोलह सोमवार व्रत की पूजा विधि। 

व्रत आरंभ करने के लिए संकल्प।

किसी भी व्रत को आरंभ करने से पूर्व सर्वप्रथम संकल्प लेना चाहिए।व्रत् के सबसे पहले दिन संकल्प किया जाता है। जो भी आपकी मनोकामना हो उसे भगवान शिव जी के आगे बोलें।उसके बाद आप नियमित रूप से पूजा और व्रत रखें। सबसे पहले हाथ में जल, अक्षत,सुपारी, पान का पत्ता और सिक्का लेकर शिव मंत्र के साथ संकल्प करें।

सोलह सोमवार व्रत कथा, विधि, उद्यापन, ऐतिहासिक महत्व, मान्यता एवं व्रत करने से लाभI

सोलह सोमवार व्रत कथा के नियम।

1. 16 सोमवार के व्रत को पूरी श्रद्धा और साफ मन से करना चाहिए। 2. सोलह सोमवार व्रत के दिन, दिन के समय ना सोएं। 3. प्रत्येक सोमवार को पूजा करने का समय एक जैसा ही रखें। 4. व्रत में नमक का सेवन ना करें और एक ही बार भोजन ग्रहण करें। 5. व्रत के दिन जो भी भोजन ग्रहण करें उसे एक जगह बैठकर ग्रहण करें इधर-उधर घूम कर ना खाएं। 6. अपने मन में भगवान शंकर के प्रति पूरी निष्ठा, विश्वास और आस्था के साथ व्रत रखें।